स्वयं शून्य

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सूरज क्या, तू संग लाया है?

Posted On: 1 Oct, 2014 Others,कविता,Hindi Sahitya में

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सूरज! तू क्या संग लाया है?
आशाओं को,
क्या पीली किरणों में बिखराया है?
सूरज! तू क्या संग लाया है?

सांसें जो
बोझिल हैं अब तक
उनको क्या तू सहलाया है?
सूरज! तू क्या संग लाया है?
मरते मन में
क्या किरणें तेरी
ज्योति नई भर लाई हैं?
चंचल तन को क्या
स्निग्ध सुधा से नहलाई हैं?
सूरज! तू क्या संग लाया है?



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Becky के द्वारा
July 12, 2016

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Andie के द्वारा
July 12, 2016

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